डीटीसी कर्मचारी कल्याण कोष में हुए लाखों रुपये के भ्रष्टाचार की तुरंत निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके - देवेन्द्र यादव
डीटीसी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण लगातार घाटे में जा रही है जिसके लिए आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार ने डीटीसी को भ्रष्टाचार से मुक्त करने व घाटे से उबारने के लिए कोई ठोस नही उठाए है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने डीटीसी कर्मचारी कल्याण कोष में 22 लाख से अधिक राशि का डीटीसी के सोशल वेलफेयर विभाग के कर्मचारियों द्वारा गबन करने तुरंत प्रभाव जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कोष से जुड़े इस मुद्दे पर दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री स्वयं हस्तक्षेप करके दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करके अपराधिक और विभागीय कार्यवाही की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो उपराज्यपाल अथवा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपनी सरकार के तहत डीटीसी विभाग में गड़बड़ी के इस मामले की जांच सीबीआई से भी करा सकते है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि लगभग 97 हजार करोड़ का घाटा झेल रही डीटीसी में कार्यरत कर्मचारियों के कल्याण कोष में 22 लाख की धोखाधड़ी होगी तो पब्लिक के लिए कर्तव्य निभाने में कैसे मानसिक रुप से स्वस्थ्य होकर अपनी ड्यूटी कर सकते है? उन्होंने कहा कि अगर इस प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई गई तो डीटीसी में फैले संगठित भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि डीटीसी में भ्रष्टाचार अनियंत्रित होने का बड़ा कारण है कि पिछले पांच वर्षों से भी अधिक समय से डीटीसी में मुख्य सर्तकता अधिकारी सीवीओ का पद खाली है। डीटीसी मंे सीवीओ के पद को अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था के तहत विभागीय अधिकारी को नाममात्र रखा गया है जबकि इस पर आईपीएस अधिकारी की पूर्णकालिक नियुक्ति होनी चाहिए ताकि विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों पर रोक लगाई जा सके और हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच निर्धारित मानकों के अनुसार एक स्थायी आईपीएस अधिकारी के द्वारा हो सके।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि डीटीसी कर्मचारी कल्याण कोष के फंड में धोखाधड़ी करने वाले उन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए जिन्होंने दस्तावेजों को अपनी स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि डीटीसी जैसे सार्वजनिक संस्थान में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शिता के साथ अधिकारियों की जवाबदेही तय करना बहुत जरुरी है। श्री यादव ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि जहां एक ओर डीटीसी के कर्मचारी कल्याण कोष में लाखों रुपये का गबन हुआ है वहीं दूसरी ओर डीटीसी के सेवानिवृत कर्मचारी अपनी पेंशन के लिए आए दिन संघर्ष करते रहते है, जबकि सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए पेंशन उनकी जीविका का एकमात्र साधन होता है क्योंकि वृद्धावस्था में बीमारियों के लिए लगातार दवाईयां भी खरीदनी पड़ती है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार का डीटीसी विभाग भ्रष्ट और अनियमितताओं से भरा हुआ है, जिसके लगातार घाटे में जाने के बावजूद न तो पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार और न ही मौजूदा भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार ने डीटीसी के घाटे पर नियंत्रण लगाने के लिए कोई रणनीति बनाई है। डीटीसी में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ रहा है कि कर्मचारी आपसी मिलीभगत करके अपने ही डीटीसी कर्मचारी कल्याण कोष से लाखों की राशि का गबन कर रहे हैं।