उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले कांग्रेस ने समाज विकास क्रांति पार्टी से किया गठबंधन, नई राजनीतिक रणनीति का ऐलान
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दल चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस ने प्रदेश में अपने संगठनात्मक और सामाजिक आधार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समाज विकास क्रांति पार्टी के साथ राजनीतिक गठबंधन की घोषणा कर दी है।
बुधवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने इस गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और जनहित के मुद्दों को केंद्र में रखकर यह गठबंधन बनाया गया है। उनका कहना था कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर प्रदेश में एक मजबूत और प्रभावी राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करना चाहती है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद, लोकसभा सांसद राकेश राठौर सहित कांग्रेस और समाज विकास क्रांति पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गठबंधन की घोषणा से पहले समाज विकास क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तथा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता को पवन खेड़ा, राजेंद्र पाल गौतम, डॉ. अनिल जयहिंद, राकेश राठौर तथा अशोक कुमार सिंह ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यह गठबंधन प्रदेश में सामाजिक समरसता, पिछड़े, दलित, किसान, युवा और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों दलों का साझा प्रयास उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई दिशा देने का कार्य करेगा।

प्रेसवार्ता में अशोक कुमार सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी ने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया है। उत्तर प्रदेश मे हम मिलकर भाजपा उखाड़ फेकेंगे। आने वाले समय में गठबंधन की संयुक्त चुनावी रणनीति, सीटों के तालमेल और जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा भी जल्द घोषित की जाएगी। दोनों दल प्रदेशभर में संयुक्त सभाएं, सम्मेलन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि गठबंधन की नीतियों और उद्देश्यों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का यह गठबंधन उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह साझेदारी चुनावी मैदान में कितना प्रभाव छोड़ती है और अन्य राजनीतिक दल इसकी प्रतिक्रिया में क्या रणनीति अपनाते हैं।