उपनल कर्मचारियों का मंत्री सुबोध उनियाल को आभार, कैबिनेट बैठक में समान वेतन पर लगी मुहर

उपनल कर्मचारियों का मंत्री सुबोध उनियाल को आभार, कैबिनेट बैठक में समान वेतन पर लगी मुहर

उत्तराखंड के उपनल कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। कैबिनेट ने उपनल कर्मियों के समान कार्य-समान वेतन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। गुरुवार शाम सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। कल हुई कैबिनेट बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गठित सब कमेटी की रिपोर्ट को रखा गया था। सब कमेटी ने रिपोर्ट में 12 वर्ष की बजाय 10 साल की सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने की संस्तुति की थी।

कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। सचिव (गोपन) शैलेश बगौली के मुताबिक फैसले का लाभ पहले चरण में 2015 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि 2015 से 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों के संबंध में भविष्य में फैसला लिया जाएगा। शैलेश बगौली के मुताबिक सभी विभागों को अपने यहां तैनात उपनल कर्मियों से दो माह में सीधा अनुबंध करना होगा। अनुबंध के बाद इन कर्मचारियों का उपनल से कोई संबंध नहीं रहेगा। उपनल भविष्य में सिर्फ पूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े काम देखेगा। विभागों में आउटसोर्स सेवाओं के लिए अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी।

इस मामले में ज्यादा जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही कह दिया था कि उपनल कर्मचारियों के साथ न्याय होगा, आज उसी पर फैसला लिया गया. कैबिनेट ने वित्तिय संसाधनों को देखते हुए निर्णय लिया कि साल 2015 तक के लगे हुए उपनल कर्मचारियों को शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा और उनको विभागीय संविदा पर नहीं लिया जाएगा. इसके बाद तीन चरणों में 2016, 2017 और 2018 के कर्मचारियों को सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण विभागीय संविदा में लेने का काम लिया जाएगा।

इसी तरह 2032 तक के उपनल कर्मचारियों को सामान कार्य का सामान वेतन दिया जाएगा. कैबिनेट बैठक में सरकार ने 10 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे उपनल कर्मचारियों को समान वेतन देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इस ऐतिहासिक निर्णय पर उपनल कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कर्मचारियों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त करते हुए इसे लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति बताया। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी और कार्यक्षमता को नई दिशा मिलेगी।