DoPT के स्पष्ट अस्वीकृति आदेश के बावजूद तमिलनाडु सरकार की Apex Committee बैठक

DoPT के स्पष्ट अस्वीकृति आदेश के बावजूद तमिलनाडु सरकार की Apex Committee बैठक

दिल्ली: भारत सरकार केकार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) नेदिनांक 21.11.2025 के अपने आदेश द्वारा1995 बैच के IAS अधिकारियों को Additional Chief Secretary / Apex Scale पद पर पदोन्नति देने के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया था।

DoPT के आदेश में यह दर्ज है कि IAS (Pay) Rules, 2016 के Rule 12(7) का उल्लंघन हुआ है और राज्य में Apex Scale पद कानूनी सीमा से कहीं अधिक हैं। इसके बावजूद, तमिलनाडु सरकार द्वारा 29.12.2025 को Screening / Apex Committee बैठक आयोजित करने का प्रयास गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है। स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि भारत सरकार में वर्तमान में सचिव स्तर पर कार्यरत  एस. गोपालकृष्णन, IAS (SSC चेयरमैन) को, बिना DoPT की अनुमति के, इस बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी भागीदारी AIS (Conduct) Rules, 1968, IAS (Pay) Rules, 2016 और केंद्र सरकार के अनिवार्य निर्देशों का उल्लंघन हो सकती है। इस पृष्ठभूमि में, चेन्नई के अधिवक्ता एम. बालकृष्णन ने ठोस दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से पूर्ण एवं स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

सूत्रों के अनुसार, इस मामले से संबंधित याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में भी दायर की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि CBI जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि:

• DoPT की अस्वीकृति के बावजूद बैठक क्यों आयोजित की गई.

• बिना अनुमति केंद्रीय अधिकारी की भागीदारी क्यों तय हुई,

• क्या इसके पीछे कोई गंभीर अनियमितता है। यह मामला अब संघीय व्यवस्था, संवैधानिक मर्यादा और All India Services की साख से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का विषय बन चुका है।