गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल-खरगे को तीसरी पंक्ति में बैठाने पर भड़की कांग्रेस
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी पंक्ति में बैठाने पर कांग्रेस नेताओं ने सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस ने कहा कि यह सरकार की मानसिकता और विपक्ष के नेताओं की गरिमा के प्रति असम्मान को दर्शाता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, यह स्पष्ट है कि समय-समय पर किसी न किसी तरह यह सरकार विपक्ष के नेता और उनके पद की गरिमा को छोटा दिखाने की कोशिश करती है, चाहे वह सदन में हो या बाहर। प्रोटोकॉल का बहुत महत्व होता है। देश गणतंत्र दिवस परेड पर गर्व करता है। हम अपनी लोकतंत्र और उसके गणराज्य की प्रशंसा करते हैं। यह साफ दिखता है कि उन्हें गणराज्य या संविधान में कोई भरोसा नहीं है।
इस क्रम में तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, यह सरकार और खासकर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मानसिकता को दर्शाता है। 2014 तक विपक्ष के नेता सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और एलके आडवाणी हमेशा वहीं बैठते थे। यह सरकार की की ओर से की जा रही राजनीतिक का बहुत ही गिरा हुआ स्तर है। विपक्ष के नेताओं का गणतंत्र दिवस पर अपमान होना स्वीकार्य नहीं है। गणतंत्र दिवस वह दिन है, जब हम सभी को एकजुट होकर उस वर्ष भारत की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहिए।
वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राज वारिंग ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से किस तरह का डर है, यह आज गणतंत्र दिवस पर साबित हो गया। सरकार क्या कहना चाहती है? क्या वह उन्हेंं चाहती है? उन्हें चाहे जितना अपमानित करें, लेकिन देश की जनता कांग्रेस पार्टी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पसंद करती है। यह वही पार्टी है, जिसने देश के निर्माण में अपना योगदान दिया है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, जब राजनीति शामिल होती है, तो ऐसे विचार सामने आते हैं। राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। उनके परिवार का सम्मान और देश के प्रति उनकी समर्पण की भावना सभी को पता है। यह स्वाभाविक है कि वह देश की राजनीति में प्रधानमंत्री के बाद अगली पंक्ति में हैं।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और मल्लिकार्जुन खरगे केवल कांग्रेस अध्यक्ष नहीं हैं, बल्कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। उन्हें सामने की पंक्ति में सीटें दी जानी चाहिए थी। भाजपा लगातार कांग्रेस नेताओं की गरिमा के साथ खेल रही है।